ऐ जिंदगी क्या बताऊँ तुझे,
कदम-कदम पर,
हर नगर , हर डगर पर,
कितनी सहमी और सिहरी हूँ मै।

बिखरने की किसकी मैं तुझको मिसाल दूँ,

मोती भी क्या बिखरे होगें ऐ जिंदगी,

जितना हर कदम बिखरी हूँ मैं।

#सरितासृजना

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