1) तुझसे मिलकर मैं,मैं ना रही
और, तुम भी तो ना हो सकी मैं।

2)लिखनेवाले तूने भी क्या कमाल लिखा है,
मेरी किस्मत में हर पल एक सवाल लिखा है।

3) दर्पण में तस्वीर कैद नही होती,
हाँ, जो सच हो वो कभी-कभी नही दिखता।

4) बच्चों का मन निर्मल होता
बातों से भी बहल जाते है।
मुठ्ठी में गर करो कैद
जुगनूओं और तितलियों को
वो बेजुबान अपना दम तोड जाते है।

5)कभी-कभी शब्द पन्नों पर यूँ ही बिखर से जाते है
स्याही भी क्या करे जब आँसू यूँ ही ढल से जाते है
कागज बस धीरे से ज्युँ ,युँ ही रँग जाते है।
उसके सीने में ना जाने, कब चुपचाप से ये बूँदे उतर जाते है।

#सरितासृजना

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