आधे रास्तोंं से जो लौट जाओगे

तो मुकाम तक पँँहुच पाओगे कैसे

कभी-कभी कामयाबी आखरी कदम पे भी हासिल होती है।

रखो भरोसा काबलियत पर अपनी

सफर मेंं अगर थक जाओगे 

तो मंंजिलोंं को पाओगे कैसे

कभी-कभी खुशी हर आखरी आँँसू के बाद भी हासिल होती है।

जो ना लडोगे जंंग जिंंदगी की उलझनोंं से

तो फिर जीना कैसे सीख पाओगे

कभी-कभी जीवन मेंं जीत सौ-सौ हार के बाद ही हासिल होती है।

मन मेंं उठे तूफानोंं से लडना पडता है

ना जाने कई-कई बार

जो टूट जाओगे तो पार पाओगे कैसे

कभी-कभी दुआ कबूल बहुत सी कुर्बानियोंं के बाद हासिल होती है।

#सरितासृृजना

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