तुझको “याद” रखेगेंं तो जी नही पायेगेंं,

गर भूल गये तो बेवफा कहलायेगेंं।

हर एक खुशबू का झोंंका “याद” तेरी लाया है,

तेरी सुनहरी यादोंं का काफिला भी इक दिन तो गुजर जायेगा

वक्त के साथ आँँखोंं का अश्क भी ठहर कर सूख तो जायेगा।

ना उम्मीद तेरी बाकी है जिंंदगी से,ना ही गिला कोई,

गवाह है वो हजार रातेंं इस बात की,कि आँँखे मेरी कितना है रोई।

#सरितासृृजना

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