ऐ खुदा बस कर इन नशीली आँँखोंंवालोंं को बनाना,

वरना मयखानोंं पे ताले लग जायेगेंं।

ये मदहोश आँँखोंंवाले बडे सितमगर होते है,

नही देगे अगर हमको ये पनाह,

तो हम पीनेवाले कहाँँ जायेगेंं।

रोक लेते है कदमोंं को ये जब भी हम,

मयकदे को निकलना चाहे,

गर छोडा दामन इन्होनेंं हमारा,

तो हम भी कहाँँ सभलने पायेगेंं।

नशा बडा ही गहरा है इनकी आँँखोंं का,

हाथ जो ना थामा इन्होंंने हमारा,

हम तो जाम के प्यालोंं मेंं डूबकर मर जायेगेंं।

#सरितासृृजना

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