माँँ वो शख्शियत है जो

मिटकर भी तुझको दुआ देगी

तेरे लिए ये जहाँँ क्या है

वो जन्नत को भी ठुकरा देगी

उसकी ममता को ना कभी आजमाना

माँँ ही तो सिखाती है हमारे जीवन को

खिलखिलाना और मुस्कुराना।

#सरितासृृजना

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