बंंध जाती हूँँ क्योंं अक्सर 

छोटी-छोटी बातोंं से

घबरा जाती हूँँ क्योंं

उनसे हुई रास्तोंं मेंं

अनचाही मुलाकातोंं से।

#सरितासृृजना

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