आ बैठ मेरी “जिंंदगी”,

        तुझसे मैंं थोड़ी सी गुफ्तगूँँ कर लूँँ

क्या जीने की,

       तुझसे मैंं थोड़ी सी जुस्तजूँँ कर लूँँ।

गम को जाने दो,  क्या ?

        तुझसे मैंं थोड़ी सी खुशियोंं की आरजूँँ कर लूँँ

चेहरा तेरा नजर आये ,

           मुझको हरपल ,

                     ऐसी कोशिश,

तुझसे मैंं थोड़ी सी हरसूँँ कर लूँँ।

#सरितासृृजना

          

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