“काश”

         मेरे एहसासोंं को तुम अपने एहसास दे जाते।

“काश”

        कभी तो बिन आवाज दिए तुम आ जाते।

“काश”

        मैंं जब भी उदास होती तुम खुशियोंंसे छा जाते।

“काश”

       रातोंं को जब मैंं सो जाती यादेंं लेकर सुबह तुम आकर जगा जाते।

“काश”

        इस दुनिया के बंंधन बांंधे है मुझको तुम इन सबसे दूर बहुत दूर मुझे ले जाते।

“काश”

      आँँखोंं मेंं जो सपने बसा रखे थे मैने उन सपनोंं को तुम हकीकत बना जाते।

“काश”

         फिजाओंं मेंं फैली है जो तनहाईयाँँ उनको तुम मेरी खुशियोंं से सजा जाते।

“काश”

        साथ छुटने का जो ङर है मेरे मन मेंं सबकुछ छोङकर मैंं तुम मेंं और तुम मेरी रुह मेंं समा जाते।

“काश”

       जीवन के समंंदर मेंं जब भी डुबने लगती तुम आकर मुझको एक सबल किनारा दे जाते।

“काश”

        मेरी आँँखोंं से गिरते आँँसुओंं को तुम अपने कोमल अधरोंं से पी जाते।

“काश”

        मेरे भटकते कदमोंं को तुम अपना सुंंदर साथ दे जाते।

“काश”

        मेरी बदरंंग सी तस्वीर को तुम सुनहरे रंंगोंं से सजा जाते।

“काश”

         मेरे हृृदय की धडकन मेंं तुम अपनी धडकने बसा जाते।

#सरितासृृजना

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