दर-दर ढुँँढ रही हुँँ खुशियोंं को

मेरे घर का रास्ता भूल गई है वो

एक इल्तजा है दोंंस्तो 

मिल जाये कही गर राह मेंं वो

मेरे घर का पता बता देना

#सरितासृृजना

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