देखो आज शाम कितना मुस्कुरा रही है

लगता है जैसे कोई सुंंदर सा गीत गुनगुना रही है

छन-छनकर आती शीतल सी सुनहरी धुप

मन को एक अनुराग सा सुना रही है

#सरितासृृजना

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